Sunday, 24 August 2025

शब्द विचार

 शब्द विचार से तात्पर्य हिन्दी व्याकरण के उस भाग से है जिसमें शब्दों के बारे में विस्तार से अध्ययन किया जाता है, जिसमें शब्दों की परिभाषा, उनके भेद-उपभेद, उनकी उत्पत्ति, रचना, प्रयोग और अर्थ का विश्लेषण किया जाता है। यह शब्दों के सार्थक समूह का अध्ययन करता है और शब्दों के विभिन्न रूपों, जैसे कि संधि, विच्छेद, रूपांतरण और निर्माण से संबंधित नियमों पर विचार करता है। 

शब्द विचार के मुख्य पहलू
  • शब्द की परिभाषा:
    ध्वनियों के सार्थक मेल से बने सार्थक वर्ण समूह को शब्द कहते हैं; जैसे- 'कमल', 'घर'। 
  • शब्द के भेद:
    शब्दों को मुख्य रूप से चार आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है: 
    • अर्थ के आधार पर: सार्थक और निरर्थक शब्द। 
    • रचना/बनावट के आधार पर: रूढ़, यौगिक और योगरूढ़ शब्द। 
    • स्रोत/उत्पत्ति के आधार पर: तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द। 
    • प्रयोग के आधार पर: विकारी और अविकारी शब्द। 
  • शब्द का रूपांतरण:
    किसी शब्द के रूप में बदलाव, जैसे कि लिंग, वचन, कारक आदि के अनुसार। 
  • शब्द का निर्माण:
    नए शब्दों की रचना प्रक्रिया, जिसमें संधि और समास जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। 
उदाहरण 
  • सार्थक शब्द: रोटी, पानी, ममता, डंडा
  • निरर्थक शब्द: वानी, वंडा, वक, लकम
  • रचना के आधार पर रूढ़ शब्द: चावल, आम
  • रचना के आधार पर यौगिक शब्द: विद्यालय, पुस्तकालय
  • उत्पत्ति के आधार पर तत्सम शब्द: सूर्य, चंद्रमा
  • उत्पत्ति के आधार पर तद्भव शब्द: सूरज, चाँद
  • उत्पत्ति के आधार पर देशज शब्द: खटिया, पगड़ी
  • उत्पत्ति के आधार पर विदेशी शब्द: स्कूल (अंग्रेजी), चाय (चीनी), पुलिस (फ्रेंच)।

No comments:

Post a Comment

अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध

  जीवन परिचय द्विवेदी युग के प्रतिनिधि कवि और लेखक अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ का जन्म 1865 ई. में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में निजामाबा...